यह कहानी आशा नाम की एक ऐसी खूबसूरत नवयुवती की है जो कि एक मामूली हैसियत के नवयुवक् से शादी करने की इच्छुक है जब कि एक करोड़पति बाप के इकलौते, खूबसूरत, शरीफ बेटे से शादी करने से इन्कार कर देती है । आखिर क्यों ? मानवीय भावनाओं से परिपूर्ण सुरेन्द्र मोहन पाठक की कलम से निकला एक सामाजिक उपन्यास ।